शुक्रवार, 18 फ़रवरी 2011

भारत मेँ बढता हुआ भष्टाचार व खुशखोरी के कारण व निदान

आजकल भारत मेँ भष्ट्राचार व खुशखोरी चरम सीमा पर पहुच गया हैँ आज भारत मेँ ऐसा कोई विभाग नही हैँ जहाँ बिना सेवा शुक्ल दिए कोई भी कार्य आसानी से हो जाय इस घृणित कार्य को खत्म करने के लिए सरकार भी कोई पहल नही कर रही यहां तक की सरकार भष्ट्रारियो का मदद कर रही हैँ । भष्ट्राचार के कारण - हमारे देश मेँ दावानल की तरह बढ रहा भष्ट्राचार,बेरोजगारी,खुशखोरी तथा बढता हुआ विभिन्न अपराध,नक्लवाद आदि का कारण दलीय प्रणाली हैँ ।क्योकि दलीय प्रणाली से प्रत्येक ब्यक्ति किसी न किसी नेटवर्क द्रारा किसी न किसी नेता से जुडा हुआ हैँ और नेता जी वोट की लालच मेँ सभी जायज या नाजायज कार्य अपने लोगो का करते हैँ यही अपराध बढने का मुख्य कारण हैँ ।
निदान-
1 - दोहरी शिक्छा प्रणाली तत्काल बँद किया जाय ।
2- वेतन की असमानता कम किया जाय अर्थात मजदुर व अन्य सेवको के वेतन मेँ धरती आसमान का अंतर नही होना चाहिए क्योकि आवश्यकता सभी कि समान हैँ ।
3 - किसानो द्रारा उत्पादित अनाजो का दाम तय करने का अधिकार किसानो को ही होना चाहिए न की पाचसितारो होटलो मेँ बैठे उच्च अधिकारियो ।
4 - भष्ट्राचार कम करने के लिए जांच समिति बनाई जाय और दोषी ब्यक्ति या अधिकारियो को तत्काल काम से निकाल कर सजा दिया जाय ईस कार्य को तत्काल चालु किया जाय गांवो मेँ बहुत से अपात्र लोगो का नाम BPL सुची मेँ भाई भतिजेवाद के तहत जोडा गया हैँ जाच कराकर दोषी ब्यक्तियो को तत्काल सजा दिया जाय ।
5 - भारत मेँ बेरोजगारी दुर करने के लिए अंक प्रणाली भर्ति तत्काल बंद किया जाय और भर्ति मेँ आयु सीमा का बंधन समाप्त किया जाय तथा परिवार के एक ब्यक्ति को अनिवारत: काम दिया जाय ।
शेष अगले अंक मेँ अगर लेख अच्छा लगे तो फोन करे 9630101028

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